नागरिक कर्तव्यों की भारतीय दृष्टि
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2025 को ‘विकसितभारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 बिल संख्या – 194’ संसद में प्रस्तुत किया गया है। भारत की उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह एक ऐसा बहुद्देशीय शिक्षा-सुधार प्रस्ताव है जिसे भारत की उच्च शिक्षा-प्रणाली में व्यापक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से संसद में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया गया है। मूल रूप से यह विधेयक राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 की प्रभावी क्रियान्विति तथा उसके उद्देश्यों को लागू करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इस विधेयक में किए गए प्रस्तावों के अनुसार ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान’ नाम का एक शीर्ष नियामक संस्थान बनाया जाएगा जो उच्च शिक्षा के लिए नीतियाँ, मानक तथा दिशा-निर्देशों का निर्धारण करेगा। साथ ही यह अधिष्ठान शिक्षा की गुणवत्ता, मानकीकरण और एक्रीडिटेशन भी सुनिश्चित करेगा ।
प्रस्तावित विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक में रेगुलेटरी काउंसिल, एक्रीडिटेशन काउंसिल तथा स्टैंडर्ड काउंसिल नामक तीन परिषदें होगी जो उच्च शिक्षा संस्थानों का क्रमबद्ध नियमन, गुणवत्ता निर्धारण, मानकीकरण तथा निर्धारित मानकों को लागू करवाने का कार्य करेंगी। पूर्ण लेख देखने के लिए क्लिक करे
