विकसित भारत का अमृतबोध और पैंसठ परिवर्तन
शक्षिक मंथन का यह अंक भारत सरकार : 2047′ उद्देश्यक महत्वाकांक्षी परियोजना पर केंद्रित है । सन् 2047 भारत की स्वाधीनता का शताब्दी वर्ष होगा। यह केवल इतिहास का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माण का अवसर भी है। विकसित भारत का संकल्प इसी दृष्टि से रखा गया है कि आने वाले दो दशकों में भारत केवल जनसंख्या और परंपरा के बल पर नहीं, अपितु शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग और व्यक्ति निर्माण के आधार पर विकास के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में खड़ा होगा। भारत आज तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के साथ ही डिजिटल क्रांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से एक महाशक्ति है।
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